हमारा परिचय

संपादक मंडल

पद्मश्री डॉ उषा किरण खान

पद्मश्री से सम्मानित हिंदी और मैथिली साहित्य की सुप्रसिद्ध लेखिका डॉ उषा किरण खान ने हिंदी के साथ-साथ मैथिली में भी दर्जनों उपन्यास व कहानियां लिखी हैं। इसके अलावा वह बाल साहित्य और नाटक लेखन के लिए भी जानी जाती हैं। मैथिली में लेखन के लिए डॉ खान को साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है।

श्री मणिकांत ठाकुर

श्री मणिकांत ठाकुर बी बी सी बिहार के प्रमुख संवाददाता रह चुके हैं. १९७८ से १९८३ के बीच उन्होंने राष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी और हिंदुस्तान समाचार के लिए काम किया। १९८४ से १९९२ के बीच उन्होंने पाटलिपुत्र टाइम्स और प्रभात खबर के लिए काम किया। उन्होंने जनादेश और लोकपात्र का संपादन भी किया.

डॉ रेनू रंजन

प्रोफेसर डॉ रेनू रंजन मगध महिला कॉलेज की पी जी सेंटर ऑफ़ सोशियोलॉजी की भूतपूर्व विभागाध्यक्ष हैं तथा मगध महिला कॉलेज की प्रिंसिपल भी थीं।

प्रोफेसर भारती एस. कुमार


विभागाध्यक्ष (सेवानिवृत्त) इतिहास विभाग,
पटना विश्व विद्यालय

प्रोफेसर भारती कुमार पटना विश्व विद्यालय में इतिहास विभाग की सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष हैं। साथ ही साथ वे सामाजिक परिवर्तन लाने की दिशा में एक कर्मठ सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में अग्रगण्य भूमिका निभा रही हैं।

परामर्श

डॉक्टर शरद कुमारी

डॉक्टर शरद कुमारी बिहार महिला समाज की महासचिव हैं. वे दलित और महिला अधिकार की एक्टिविस्ट हैं

अंजिता सिन्हा

अंजिता सिन्हा राष्ट्रीय सहारा की वरिष्ठ संवाददाता हैं.

डॉक्टर मधुरिमा राज

डॉक्टर मधुरिमा राज डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट (डी.एम.आइ ) में कंसलटेंट के रूप में कार्यरत हैं और मंजरी की एडिटोरियल बोर्ड की मेंबर हैं

विकास

लेखक और बैंकर

सम्पादकीय टीम

नीना श्रीवास्तव

नीना श्रीवास्तव इक्विटी फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक और संस्थापक सदस्य हैं।  इसके साथ ही ये मंजरी स्त्री के मन की प्रधान संपादक भी हैं. श्रीमती श्रीवास्तव ने अमेरिका के ख्यातिप्राप्त कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के ओलिन लाइब्रेरी में अस्सिटैंट सुपरवाइजर के रूप में काम किया.  योजना आयोग के बारहवें पंच वर्षीया योजन के स्टीयरिंग कमिटी की पूर्व सदस्य थीं. इसके पूर्व उन्होंने स्विस रेड क्रॉस नामक संस्था में बतौर डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव के रूप में काम किया. साथ ही साथ वे बिहार राज्य महिला आयोग में कंसलटेंट भी रह चुकी हैं.

दीपिका झा

श्रीमती दीपिका झा मंजरी की मुख्य एडिटर हैं. वे पहले बिहार के एक प्रमुख मीडिया हाउस के साथ सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्य करती थीं। उन्हें हिंदुस्तान अख़बार के बेस्ट एम्पलॉई का पुरस्कार मिल चूका है और साथ ही साथ बिहार में मैट्रिक एग्जाम पर उनके विशेष कवरेज के लिए ‘डंके की चोट पर कदाचार ‘ के लिए उन्हें हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया लिमिटेड द्वारा पुरस्कृत किया गया था. पंचायत चुनाव पर श्रेष्ठ कवरेज के लिए राष्ट्रीय सहारा ने उन्हें विशेष पुरस्कार से नवाज़ा था।

प्रबंधन बोर्ड

राहुल कुमार

राहुल कुमार इ. एन. वाई (Ernst & Young)  में कंसलटेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं.

कला और आवरण चित्र

अनु प्रिया

कलाकार, लेखिका

सुपौल बिहार में जन्मी अनु प्रिया जी के साठ से अधिक किताबों के आवरण एवं पत्र-पत्रिकाओं में रेखा चित्र निरंतर प्रकाशित हो चुके हैं. साहित्य अकादमी, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, अल्टरनोट प्रकाशन, अगोर प्रकाशन, प्रकाशन विभाग आदि से किताबों के आवरण पर निरंतर इनके द्वारा बनाये गए चित्र का प्रकाशन होता रहता है. अनु प्रिया जी एक बहुत ही संवेदनशील कलाकार हैं और ये इनके द्वारा बनाये गए हर एक चित्र में झलकता है। सभी चित्र कहीं न कहीं हमारे और आपके जीवन की कहानी कहता है. इन्हे लिखने का भी शौक़ है. इनकी दो किताबें भी प्रकाशित हुयी हैं- ‘कि कोई आने को है’ (लेख लेखि प्रकाशन) और ‘थोड़ा सा तो होना बचपन’ (प्रकाशन विभाग). अनु प्रिया जी हमारी मंजरी की विशिष्ट अतिथि कलाकार हैं.

लोगो डिज़ाइन

दीया भारद्वाज

12 साल की दीया भारद्वाज पटना के सेंट ज़ेवियर हाई स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा हैं और एक उभरती हुई कलाकार भी हैं.  इन्हे मधुबनी पेंटिंग बनाने में विशेष रूचि है. मंजरी का लोगो इन्होने ही बनाया है.